Tuesday, 30 August 2016

सुन री बहना

     
सुन री बहना

सुन री बहना सखी सहेली
थाम  ले मेरा दामन
रिश्तों में मत बाँधो
है ये मानवता का बंधन
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी

सास ,बहु,ननद ,भोजाई
किसी रूप में आएँ
तोड़े ना बस ,रिश्ते जोडें
सुख आपार लुटाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी

जलन ,द्वेष  ना ईर्ष्या मन में
प्रेम की जोत जलाएँ
करुणा ,स्नेह ,समर्पण मिल कर
बस हरदम बरसाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी


एक दूजे के मर्म को समझें
जख्मों को सहलाएँ
जो चौखट के पर अकेली
अपना उसे बनाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी


सिम्मी मदन मैनी

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