Sunday, 7 August 2016

पापा से पूछ के बताऊँगी



      पापा से पूछ कर  बताऊंगी 


माँ ,,,,,,मैं कैंप में चली जाऊँ ?
 उत्साहित स्वरा  मेरे  इर्द गिर्द
चक्कर लगा रही थी

पापा को आने दो देखते हैं
मेरे   दो टूक जवाब से स्वरा का
फूल सा चेहरा मुरझा गया

माँ पापा तो दो दिन बाद आएँगे
उनका फ़ोन भी नहीं चल रहा
कल पैसे जमा करने की आखरी तारीख है
आप दे दो ना पैसे प्लीज ,,,,,,

नहीं ,नहीं भाई ,,,,
मैं ऐसे नहीं दे सकती पैसे
मैं घबरा कर बोली
पापा से पूछ कर बताऊंगी 

क्यों माँ ?
आप इतना सा निर्णय खुद नहीं ले सकते
तब तो मैं आगे से हर बात
सिर्फ पापा से पूछूंगी 
आप तो हर ज़रा सी बात के लिए
उन पर  निर्भर हो

स्वरा की यह बात
मेरे वजूद को
छलनी कर गई
ओह !मेरा यह मतलब नहीं था
मैं तो कह रही थी कि
पापा से सलाह  कर के  बताऊंगी 


अच्छा चलो बताओ कितने पैसे ?
मैं अपने डर को छुपाते हुए बोली
स्वरा का चेहरा चमकने लगा
और उस दिन
मैंने उसके हाथोँ में
चंद रुपयों के साथ थमाया
ढ़ेर सारा आत्मविश्वास
और हर परिस्थिति में
निर्णय लेने की शक्ति




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