मुझे क्यों पढ़ाया ?
जब निर्णय लेने की आज़ादी ना दी
और अपना हुक्म बजाया
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
तुमने ही बोए आज़ादी के बीज
इस कोमल मन में
और फिर मेरी उड़ान से पहले
मेरे पंखों को जलाया
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
नौकरी और शादी का चयन
जब आपके ईशारे पर होना था
तो मुझे हक़ का रास्ता क्यों दिखाया ?
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
कागज़ और कलम थमाने वाले
तुम्हारे हाथोँ ने
जब झाडू और बेलन को
मेरा भविष्य बताना था
तो बेटी और बेटे में अंतर ना करने का
स्वांग क्यों रचाया ?
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
सिम्मी मदन मैनी
जब निर्णय लेने की आज़ादी ना दी
और अपना हुक्म बजाया
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?तुमने ही बोए आज़ादी के बीज
इस कोमल मन में
और फिर मेरी उड़ान से पहले
मेरे पंखों को जलाया
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
नौकरी और शादी का चयन
जब आपके ईशारे पर होना था
तो मुझे हक़ का रास्ता क्यों दिखाया ?
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
कागज़ और कलम थमाने वाले
तुम्हारे हाथोँ ने
जब झाडू और बेलन को
मेरा भविष्य बताना था
तो बेटी और बेटे में अंतर ना करने का
स्वांग क्यों रचाया ?
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?
सिम्मी मदन मैनी
No comments:
Post a Comment