Saturday, 6 August 2016

मुझे क्यों पढ़ाया ?

       मुझे क्यों  पढ़ाया ?

जब निर्णय लेने की आज़ादी ना दी
और अपना हुक्म बजाया
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?

तुमने ही बोए आज़ादी के बीज
इस कोमल मन में
और फिर मेरी उड़ान से पहले
मेरे पंखों को जलाया
 मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?

नौकरी और शादी का चयन
जब आपके ईशारे पर होना था
तो मुझे हक़ का रास्ता क्यों दिखाया ?
मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?

कागज़ और कलम थमाने वाले
तुम्हारे हाथोँ ने
जब झाडू और बेलन को
मेरा भविष्य बताना था
तो बेटी और बेटे में अंतर ना करने का
स्वांग क्यों रचाया ?
 मैं पूछती हूँ
बाबा मुझे क्यों पढ़ाया ?

सिम्मी  मदन मैनी


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