मैं भी खेलूँगी
मैं भी खेलूँगी मईया
भाई के संग संग
खिलने दे बाबुल मुझको
मैला ना कर मन
स्वर्ग बनाऊँगी मैं
घर को सजाऊँगी मैं
आने दे बगिया में
मैला ना कर मन
हाथ बटाऊंगी मैं
साथ निभाऊँगी मैं
कुछ भी ना चाहूँगी
बदले में माँ सुन
कहता है मन यह मुझसे
रिश्ता पुराना तुझसे
कर्मो के बंधन हैँ
झटका ना दामन
मैं भी खेलूँगी मईया
भाई के संग संग
खिलने दे बाबुल मुझको
मैला ना कर मन
सिम्मी मदन मैनी
मैं भी खेलूँगी मईया
खिलने दे बाबुल मुझको
मैला ना कर मन
स्वर्ग बनाऊँगी मैं
घर को सजाऊँगी मैं
आने दे बगिया में
मैला ना कर मन
हाथ बटाऊंगी मैं
साथ निभाऊँगी मैं
कुछ भी ना चाहूँगी
बदले में माँ सुन
कहता है मन यह मुझसे
रिश्ता पुराना तुझसे
कर्मो के बंधन हैँ
झटका ना दामन
मैं भी खेलूँगी मईया
भाई के संग संग
खिलने दे बाबुल मुझको
मैला ना कर मन
सिम्मी मदन मैनी
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