सुन री बहना
सुन री बहना सखी सहेली
थाम ले मेरा दामनरिश्तों में मत बाँधो
है ये मानवता का बंधन
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी
सास ,बहु,ननद ,भोजाई
किसी रूप में आएँ
तोड़े ना बस ,रिश्ते जोडें
सुख आपार लुटाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी
जलन ,द्वेष ना ईर्ष्या मन में
प्रेम की जोत जलाएँ
करुणा ,स्नेह ,समर्पण मिल कर
बस हरदम बरसाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी
एक दूजे के मर्म को समझें
जख्मों को सहलाएँ
जो चौखट के पर अकेली
अपना उसे बनाएँ
मैं हूँ तेरे जैसी ,तू बिल्कुल मेरे जैसी
सिम्मी मदन मैनी










