यह पल
संजो के रख लो
इन हँसी पलों को
धूप की तरह
जब कभी
अँधेरा होगा तो
रोशनी बिखराएंगे
गर कभी होगा
परेशानी से सामना
तो ज़ख्मों पर
मरहम लगायेंगे
वक़्त आने पर
बिखर जायेंगे
भविष्य की चादर पर
तारों की तरह
और सुख के
आसमान में हौले हौले
टिमटिमाएंगे ....
आने वाले कल में
यही पल
अतीत के फूल बनकर
वर्तमान को मह्कायेंगे
देखो.......
कोई पल हाथ से
फिसलने ना पाए
कौन जाने?
कल यह पल
फिर आयेंगे
या नहीं आयेंगे
सिम्मी मैनी

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