पधारो माहरे देस
बड़ी हसीन है मेरे ख्वाबों की दुनिया,
वक़्त वहां कैसे बीत जाता है,
पता ही नहीं चलता,
ना कोई दुःख है वहां,
और ना ही कोई अकेलापन ,
ना कोई उदासी है वहां,
और ना ही बोझिल मन,
बस मैं और मेरे गीत,
घंटों वहां बतियाते हैं,
जब कोई सुर छेड़ देती हूँ,
तो सभी राग मिल कर
,ताली बजाते हैं,
तानपुरा झूम उठता है,
मेरे एक इशारे पर,
और सारे गम,
छूमंतर हो जाते हैं,
सुर ,आलाप और तान सभी,
मेरी महफ़िल में गाते हैं,
वंदन करती हूँ ,
जब कभी प्रभु का,
देवता भी खुद,
चल कर आते हैं,
सुंदर सा बस घर है मेरा,
जिसमे देते सब सुख पहरा,
आप भी सादर आमंत्रित हैं,
मेरी स्वर्ग सी दुनिया में
केसरिया बालम आवो नी,
पधारो माहरे देस.......................
सिम्मी मैनी
बड़ी हसीन है मेरे ख्वाबों की दुनिया,
वक़्त वहां कैसे बीत जाता है,
पता ही नहीं चलता,
ना कोई दुःख है वहां,और ना ही कोई अकेलापन ,
ना कोई उदासी है वहां,
और ना ही बोझिल मन,
बस मैं और मेरे गीत,
घंटों वहां बतियाते हैं,
जब कोई सुर छेड़ देती हूँ,
तो सभी राग मिल कर
,ताली बजाते हैं,
तानपुरा झूम उठता है,
मेरे एक इशारे पर,
और सारे गम,
छूमंतर हो जाते हैं,
सुर ,आलाप और तान सभी,
मेरी महफ़िल में गाते हैं,
वंदन करती हूँ ,
जब कभी प्रभु का,
देवता भी खुद,
चल कर आते हैं,
सुंदर सा बस घर है मेरा,
जिसमे देते सब सुख पहरा,
आप भी सादर आमंत्रित हैं,
मेरी स्वर्ग सी दुनिया में
केसरिया बालम आवो नी,
पधारो माहरे देस.......................
सिम्मी मैनी
No comments:
Post a Comment