Wednesday, 4 July 2018

बेड़ियाँ या फिर पंख

बेड़ियाँ या फिर पंख

आप अपनी बेटी को 
पाँव में अलता लगा कर 
झाँझर पहनाएँ
और पिया के घर भेजें

या फिर स्कूल के जूते पहनाकर
सुखद भविष्य की और क़दम बढ़ाने दें
पसंद आप ही की है
और फ़ैसला भी आप का

पर किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले
अपने दिल से पूछ लें कि
आप आपके कलेजे के टुकड़े को
तोहफ़े में क्या पसंद आएगा ?
बेड़ियाँ ... जो उसके अस्तित्व को
पनपने से रोक दें
या फिर
पंख... जो उसकी उड़ान को
एक मुक़ाम तक ले जाएँ 

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