चाहत
गर दामन में
सितारों की चाहत हो तो
नज़रें आकाश से मिलानी होंगी
क़तरा क़तरा होकर
पिघलेंगे सितारे भी
चाहत की गरमी से
और तुम्हारा अस्तित्व
अपनी चमक से
रोशन कर देंगे
गर दामन में
सितारों की चाहत हो तो
नज़रें आकाश से मिलानी होंगी
क़तरा क़तरा होकर
पिघलेंगे सितारे भी
चाहत की गरमी से
और तुम्हारा अस्तित्व
अपनी चमक से
रोशन कर देंगे
No comments:
Post a Comment