जीवन यात्रा का घड़ा
जीवन यात्रा का घड़ा
हम सब
अपनी सोच के मुताबिक़ उठाती हैं
कोई सिर माथे लेती है जीवन की चुनौतियों को
और ईश्वर का वरदान समझ कर ग्रहण करती है
कोई जिम्मेदारी समझ कर काँधे पर संभालती हैं
और अंत तक इसका साथ निभाती है
तो कोई
इस यात्रा में आने वाली चुनौतियों को
हम सब
अपनी सोच के मुताबिक़ उठाती हैं
कोई सिर माथे लेती है जीवन की चुनौतियों को
और ईश्वर का वरदान समझ कर ग्रहण करती है
कोई जिम्मेदारी समझ कर काँधे पर संभालती हैं
और अंत तक इसका साथ निभाती है
तो कोई
इस यात्रा में आने वाली चुनौतियों को
एक बच्चे की तरह बाहों में भरती है
और प्यार से सँवार कर
उनसे पार पा लेती है
हम सबका नज़रिया ही हमें
एक दूसरे से ना सिर्फ़
एक होते हुए अलग बनाता है
बल्कि
अलग अलग रास्तों से
अपनी मंज़िल तक पहुँचाता है
और प्यार से सँवार कर
उनसे पार पा लेती है
हम सबका नज़रिया ही हमें
एक दूसरे से ना सिर्फ़
एक होते हुए अलग बनाता है
बल्कि
अलग अलग रास्तों से
अपनी मंज़िल तक पहुँचाता है
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