Thursday, 22 March 2012

अग्नि परीक्षा ....

     अग्नि परीक्षा 
माते क्यों दी अग्नि परीक्षा 
यह  तुमने क्या कर डाला?
दुष्ट ,फरेबी .चरित्रहीन भी
अब लगे जलाने ज्वाला 

कूदो इसमें 
दो अग्नि परीक्षा 
जिससे सीता ना बच पायी 
इस युग की नारी के
जीवन में माँ यह
कैसे आग लगायी 

राम नहीं अब 
इस दुनिया में 
पर सीता बहुत मिले हैं
हर नुक्कड़
हर गली , चौराहे
एक सीता 
रोज़ जले है 

सिम्मी मदन  मैनी  

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