Monday, 12 March 2012

बेल ...........


  बेल 
यह बेल भी तो
हममे से एक है
जो तलाशती है
किसी........
मज़बूत  दीवार को
और मिलते ही कोई
ठोस सहारा....
अपने मतलब से
ज़मीन छोड़
लिपट जाती है
दीवार से
और बस 
ऊपर चढ़ जाती है
ऊँचाई पर जा कर
जाने कैसे 
भूल जाती है
कि....
इसकी जड़े 
आज भी 
ज़मीन में हैं

सिम्मी मैनी     

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