दिल की बात
Thursday, 22 March 2012
निर्बल कौन?........
निर्बल कौन?
उतर आये प्रभु
इस धरती पर
मेरी लाज बचाने
बहुत बहुत आभारी हूँ
अब आ ही गये हो
तो तुम ही बोलो
सदा मैं ही क्यों कहलाती
अबला और बेचारी हूँ?
सोच रही हूँ
निर्बल कौन था?
मैं??????
जिसकी एक आवाज़ पर
तुम दौड़े चले आये थे
या फिर वो पांच
जो मेरी लुटी अस्मत
का तमाशा देख
महान पांडव कहलाये थे
सिम्मी मदन मैनी
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