होली
आज होली के दिन
इन्द्रधनुष को देखा
तो मन मचल उठा
उसे पाने को
उस सतरंगी कमान ने
मेरी आँखों को पढ़ लिया
और वो चल पड़ा
आकाश छोड़कर
मेरे जीवन में
आने को.........
मानो आज पहली बार
बेरंग जिंदगी में रंग भर गये
उम्मीद ,प्यार, अरमान
संतुष्टि,सम्पूर्णता, सम्मान
और चंचलता के सात रंग
मेरे जीवन रुपी तस्वीर की
शोभा बढ़ाने लगे
मैंने अपने बाँहें फैलाई
और उन सात रंगों को
आँखों में उतार लिया
इस डर से कि.....
वो जीवन से जाने ना पायें
मेरी आँखों में समाये वो रंग
मेरी आत्मा में घर कर गये
और मेरी सम्पूर्णता की ख़ुशी
मेरी आँखों से बहने लगी ..
क्या कभी आपने भी
कुदरत के साथ
ऐसी होली खेली है?
सिम्मी मैनी
आप सभी को होली की शुभ कामनाएँ......इन सात रंगों से परमात्मा आप सबकी झोली भर दे.....

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