सच और झूठ
सच का छोटा दिया
टिमटिमा रहा है
और काट रहा है अँधेरा
तभी आया झूठ रुपी तूफ़ान
और सभी आ गये
उसकी चपेट में
तेज़ हवा के झोंके
बुझाना चाहते हैं
सच का दिया
पर लौ पूरी तेज़ी से
लड़ रही है
तेज़ तूफ़ान से
झूठ के निकल आये हैं
लाखों करोडो हाथ
अब सच को खुद पर
यकीन नहीं रही
फडफडा रहा है
आज भी
अपना अस्तित्व
बचाने को
लचकीला झूठ
बदल रहा है रूप
अपनी सफाई में
और सच रुपी
कड़क पुतला
जूझ रहा है
तूफ़ान से
कि तेज़ हवा का एक
झोंका ही काफी है
उसे मिटाने को
सच पड़ा है बेबस
किसी कोने में
और अपमानित
हो रहा है
लोग उड़ा रहें हैं खिल्ली
चढ़ रहा है झूठ
सीढियाँ कामयाबी की
और सच थामे खड़ा है
वो सीढ़ी
ताकि कोई गिर न जाये
पर कोई नहीं गिरता
रौंदते हुए सच के हाथ
सभी चढ़ते हैं
कामयाबी की सीढियाँ
कुचले जाते हैं
सच के हाथ
और अपमानित सच
आदर्शों और किताबी बातों की
मरहम घाव पर लगाता है
पर क्या कभी भरेंगे यह घाव?
झगड़ रहें है सच और झूठ
आत्मा में डेरा डाले
मानती हूँ झूठ के
काले बादल छायें हैं
पर देखो बादल के किनारे पर
अब भी सच की सुनहरी लकीर
चमक रही है
सिम्मी मैनी
सच का छोटा दिया
टिमटिमा रहा है
और काट रहा है अँधेरातभी आया झूठ रुपी तूफ़ान
और सभी आ गये
उसकी चपेट में
तेज़ हवा के झोंके
बुझाना चाहते हैं
सच का दिया
पर लौ पूरी तेज़ी से
लड़ रही है
तेज़ तूफ़ान से
झूठ के निकल आये हैं
लाखों करोडो हाथ
अब सच को खुद पर
यकीन नहीं रही
फडफडा रहा है
आज भी
अपना अस्तित्व
बचाने को
लचकीला झूठ
बदल रहा है रूप
अपनी सफाई में
और सच रुपी
कड़क पुतला
जूझ रहा है
तूफ़ान से
कि तेज़ हवा का एक
झोंका ही काफी है
उसे मिटाने को
सच पड़ा है बेबस
किसी कोने में
और अपमानित
हो रहा है
लोग उड़ा रहें हैं खिल्ली
चढ़ रहा है झूठ
सीढियाँ कामयाबी की
और सच थामे खड़ा है
वो सीढ़ी
ताकि कोई गिर न जाये
पर कोई नहीं गिरता
रौंदते हुए सच के हाथ
सभी चढ़ते हैं
कामयाबी की सीढियाँ
कुचले जाते हैं
सच के हाथ
और अपमानित सच
आदर्शों और किताबी बातों की
मरहम घाव पर लगाता है
पर क्या कभी भरेंगे यह घाव?
झगड़ रहें है सच और झूठ
आत्मा में डेरा डाले
मानती हूँ झूठ के
काले बादल छायें हैं
पर देखो बादल के किनारे पर
अब भी सच की सुनहरी लकीर
चमक रही है
सिम्मी मैनी
वाह वाह वाह ...आपकी रचनाओं में आपकी पाक साफ़ रूह की झलक साफ़ दिखाई देती है ...सादर नमन आपकी सोच को !!
ReplyDeletenisha ji ,,,,,aapke yeh shabad anmol hain,,,inhe sada sahej kar rakhongi
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