Saturday, 11 October 2014

मेहंदी

नमस्कार

कल करवाचौथ के दिन सभी के हाथ मेहंदी से सुर्ख लाल थे,,,,,सुन्दर डिजाइन और महकते हाथ ,,,,इन हाथों को देख जो भाव मन में उपजे ,,,,,आपके साथ बाँट रही हूँ ,,,,


                      मेहंदी


सुहागनों के हाथों में रची मेहंदी
रिश्तों के रंग को फिर गहरा गई
खुद पिसी और पिस कर भी
किसी का जीवन सजा गई
उम्मीद और दुआ के ऐसे रंग भरे
इन दो हाथों में कि ,,,,,
जीवन का सार सीखा गई ,,,

यूं  ही नहीं लगती नव वधु के हाथों में
शायद कुछ कहना चाहती है ,,,
एक रिश्ते से कितने और नए रिश्ते
पनपते हैं ,,,,
दुल्हन को आईना  दिखला गई
रिश्तो को जोड़ के किस तरह रखना है
पवित्र बंधन का पहला सबक सीखा गई

पति से जुड़े हर रिश्ते को किस तरह
प्रेम और समझदारी से संवारे यह हाथ
कानों  में होले से बतला गई
जीवन में खुशियों का रंग सदा बना रहे
और जीवन साथी की हर जिम्मेदारी अपनी हो
हाथों को महकाते हुए
यह शिक्षा सुना गई

मेहंदी सिर्फ फ़ैशन या श्रृंगार की वस्तु  नहीं
नए बंधन जोड़ने की कड़ी है
प्रेम और त्याग से जीवन किस तरह रंगना है
और किस तरह मेहकाना है घर आँगन
आज अपना अस्तित्व मिटा कर
सबको यह हुनर सीखा गई
हुनर सीखा गई

सिम्मी  मदन मैनी






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