दिल की बात
Wednesday, 9 May 2012
जाने क्यों ?,,,,
जाने क्यों ?
आज आँख
फिर से नम
और दिल
परेशान है
लगता है
वक़्त की सुई में
क्षमा का धागा
डाल कर
अतीत के
जिस ज़ख़्म को
सिया था कभी
उसका कोई टांका
आज,,,,,,
किसी भारी चोट से
उधड़ गया है
और घाव फिर से
रिसने लगा है
सिम्मी मैनी
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