Wednesday, 11 April 2012

रिमोट .....

      रिमोट 

कुर्सी पर बैठी 
घर के सदस्यों को
टीवी के रिमोट के लिए
झगड़ते देख रही हूँ
कर कोई करना चाहता है
उस पर कब्ज़ा
वरना......
दूसरे की पसंद का चैनल 
मन नहीं भायेगा

सोचती हूँ?
टीवी के रिमोट की इतनी चिंता?
और जो ज़िन्दगी का रिमोट 
दूसरों के हाथ में है?
सामने वाले ने जब चाहा
बस एक बटन दबाया
कभी हमें हंसाया 
कभी रुलाया
कभी सताया
कभी दर्द दिया 
कभी उकसाया 
कभी गुस्सा दिलाया 
बस उसकी एक बात
और हम आपे से बाहर

काश!!!  
हम  टीवी के रिमोट की तरह
जीवन का रिमोट संभाल लें
तो जिन्दगी हमारी ताल पर नाचे 
विचारों का नियंत्रण 
हमारे हाथ
और 
आत्म ज्ञान का एक घेरा 
हमारे चारों और बन जाये 
इसके अन्दर बस 
वही विचार आये
जो हम चाहें
और अब 
जिंदगी में चलें सिर्फ
हमारी पसंद के चैनल 

सिम्मी मैनी       

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