ख्वाब
मेरी दुआ है कि
कोई आँख
रूखी ना रहे
हर आँख में हरदम
एक बड़ा ख्वाब
तैरना चाहिए
हर बड़ी उपलब्धी
हर बड़ा बदलाव
पहले एक ख्वाब था
जो किसी दिलवाले ने देखा
कौन जानता था कि
हम हवा में परिंदों से
उड़ पाएंगे ,,,,,
या फिर कभी चाँद की
सैर को जाएँगें,,,,
यह भी तब
एक खवाब होगा
एक धुंदली तस्वीर
जिस में किसी ने
विश्वास के रंग भरे होंगे
और हिम्मत के केनवस पर
बनी इस तस्वीर ने,,,
उस ख्वाब पर हंसने वालों के
मुँह सी दिए होंगे,,,,,
तो क्यों ना हम भी
दिल ख़ोल के सपने देखें
जाने किसने कह दिया ?
जितनी चद्दर उतने पैर पसारो
मैं तो कहती हूँ
चलिए,,,,,,
हम अपनी
सोच की हदों को बढ़ा कर
अपने ख्वाबों की चद्दर को
इतना बड़ा कर लें कि
तमाम खुशियाँ भी
उसमें समाने को
कम पड़ जाएँ
यकीन मानिये
मैं झूठ नहीं कहती
ये सपने ही हैं
जो एक दिन
हकीकत बन जाते हैं
मेरी आँखें तो किसी
बड़े सपने की
तलाश में हैं
क्या आपकी आँखों में भी
कोई बड़ा सपना तैरता है?
सिम्मी मैनी
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