Monday, 7 February 2022

रंग पैलेट


              रंग पैलेट 

हाँ ! रंगरेज़ हूँ मैं 
ज़िन्दगी के हर रंग को ओढ़ा है मैंने 
 
कैसी रंग बिरंगी भावनाओं से 
सजी है मेरी ज़िन्दगी 
कभी करती ज़िंदगी खुशहाल तो कभी उदास 
हर रंग की अपनी महिमा ,अपनी भूमिका  

कहीं छलकता है
 सुर्ख लाल रंग प्यार वाला 
तो कहीं चटक पीला उम्मीद वाला 
कहीं समृद्ध हरा खुशहाली वाला 
तो कहीं पवित्र श्वेत शुद्धता वाला 
कहीं आसमानी नीला स्थिरता वाला 
तो कहीं गेरुआ नारंगी उमंग वाला 

पर जब कभी फैलता 
रहस्यमयी  काला  उदासी वाला 
तो वीरान हो जाती ज़िन्दगी 
फिर मैं अपनी सकारात्मक सोच से चुनती हूँ 
कोई प्यारा रंग ईश्वरीय रंग पैलेट  से 
और ज़िंदगी में घोल  देती हूँ 
ताकि ज़िन्दगी फिर से मुस्कुराने लगे 

मेरे रंग पैलेट  में रंग कम तो हो सकते हैं 
पर वह  कभी खाली  नहीं रहता 
रंगरेज़ में हुनर होना चाहिए
मौजूदा रंगो  को मिला कर 
नए रंग  बनाने का 
और 
प्रभु को शुक्राना करने का 
जिसने उसका रंग पैलेट ख़ूबसूरती से  सजाया 
तो ज़िंदगी का इंद्रधनुष सदा ही 
अपनी छटा  बिखेरता रहता है 

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