ज्वालामुखी ( volcano)
हम शान्ति की खोज
करते करतेकई बार
खामोश हो जाते हैं
इस चुप्पी में ढूँढ़ते हैं
असीम शान्ति को
हाँ ,,,,,,
मौन तो ज़रूरी है
शांति के लिए
पर ज़ुबाँ का नहीं
बल्कि मन का
सिर्फ शब्द नहीं
मन में निरंतर बात करते
संकल्प सोने चाहियें
जानते हैं उनके सोते ही
भीतर से फूटेगी
शांति की अमृतधारा
और ये आत्मा
पवित्रता में नहा जाएगी
वरना तो ,,,
खामोश शब्दों का ज्वालामुखी
धधकता रहेगा अंतर में
और मन और आत्मा
दोनों को सुलगाता रहेगा
सिम्मी मैनी
06/06/2014
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