Tuesday, 20 June 2017

घरौंदा विपिन उर्वशी का

   घरौंदा विपिन उर्वशी का

मकान तो सब बना लेते हैं
या फिर विरासत में पा लेते हैं
पर घर तो किसी
किस्मत वाले का बनता है
घर की नीँव धन से नहीं
मन से बनती है
और आज ऐसे ही एक घर में
आप सबका स्वागत है
यह भवन सीमेंट के स्तंभों पर नहीं
टिका है उर्वशी और विपिन की उम्मीदों पर
गौर से देखिए यह ऊँची दीवारें
जो बनी  हैं साहिबा और साहिल के सपनों से
इन दीवारों की सिचाईं में खपा है
ढेर सारा खून पसीना
कड़ी मेहनत की खुशबू
इस घर के हर कोने से आती है
आनंद की रंगोली से सजा है प्रवेश द्धार
और प्रेम का वंदनवार उसकी शान बढ़ाता है
इस घर में आने वाला हर मेहमान
सम्मान और आदर सत्कार का स्वाद चखता है
ये संगमरमरी फर्श जोड़ता है
घर के हर सदस्य को उसकी मिट्टी  से 
और अर्श को छूती  छत पर
चमकते हैं भविष्य के सुनहरे सपने
बड़ी खिड़कियों से बह कर आती हैं 
ढेर सारी दुआएं और शुभ कामनाएं
रसोईघर में पवित्रता का प्रसाद पकता है
जो आत्मा को शान्ति  से भर देता है
इस घर पर ईश्वर की रेहमत बरसती है
और सर्वगुणों का इन्द्रधनुष
इस घर की छठा में चार चाँद लगता है
भला कौन ऐसे घर में नहीं आना चाहेगा
जिसमें पाँव रखते ही
किसी मंदिर में
प्रवेश करने का एहसास हो
मेरी दिल से दुआ है कि
आप दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करें
आपके खवाब सदा ऊंचे
और पैर ज़मीन पर रहें
आपको यहाँ वो सब खुशियाँ नसीब हों
जिनकी कभी आपने आरज़ू की थी
और
आपका यह घरौंदा सदा चेहकता रहे

सिम्मी मदन मैनी 










Monday, 1 May 2017

बेबी बुआ

     बेबी बुआ
 खोज में हैं नज़रें
किसी ऐसी शै को
जो आपके सजदे में रख सकूँ
पर इस पूरी कायनात में
कोई ऐसी चीज़ कहाँ
जो आपकी बराबरी कर सके
तो क्यों ना तोहफे में
अपने दिल के जज़्बात बयां करूँ

भाभी ,बाउजी ने
अपने घर की देहलीज़ पर
सात दिए जलाए
पर उनमें रोशनी की किरण
तब फूटी
जब बेबी बुआ घर में आई
सब भाईयों की लाड़ली
और भाभी ,बाउजी के दिल की धड़कन
छोटी बेबी को खुदा ने
शिक्षा ,संवेदना ,सहनशीलता
और तन ,मन की ख़ूबसूरती से नवाज़ा

परी  सी  बेबी बुआ जब
एक अनजान सफर पर निकली
तो परिस्थितियों की कड़ी धूप से
अनजान थी
पर हिम्मत और शुभ संस्कारों की विरासत
उनका रास्ता आसान करती चली गई


आपने न सिर्फ अपने घर में
बल्कि दूसरों के दिलों में भी
प्रेम और शिक्षा के ऐसे दिए जलाए
की हर ज़र्रा आप पर फ़िदा हो गया
और ईश्वर ने
 आपकी  तकलीफ के  हर कॉँटे को
उपलब्धी के फूल में तबदील कर दिया

आज हम सब की ओर  से
बस यही दुआ है कि
परमात्मा आपकी हर मनोकामना पूरी करे
और गर्म हवा का झोंका
कभी आपको ना छूने पाए
पूरे परिवार की छाया आपके सर पर बनी  रहे
और आप हर वर्ष यूँ ही हँसते खेलते
अपना जन्म  दिल मनाती  रहे 

सिम्मी मदन मैनी




Tuesday, 25 April 2017

खुद के प्यार में पड़ जाना

   खुद के प्यार में पड़ जाना


कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

अपनी हर  अच्छी बुरी बात को
दिल से क़ुबूल करना
और अपनी हर कमी को
ताकत में बदलते जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़  जाना

टूट कर प्यार करना
काले बालों से झाँकती चाँदनी को
और चेहरे की महीन लक़ीरों  में छिपे
अनुभवों के चाँद को सराहना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

छोड़ कर,
बढ़ते वज़न की फ़िक्र को कहीं पीछे
मेरा ढोलक की थाप पर
बिंदास थिरकते जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

हवा में उड़ा देना
बढ़ती उम्र के अफ़साने को
बस  एक मासूम बच्चे की तरह
हँसना और  गुनगुनाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

कितना प्रेरणादायक है
अपनी हर उपलब्धि  के फूल को ,
जीवन के गुलदस्ते में सजा कर
अपना जीवन पथ महकना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

हर रोज़ बोए जाना एक सपने का
दिल के बागीचे में
और उसके पनपने पर
मेरा गर्व से भर जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

कितना रोमांचक  है
नई नई जगहों की सैर करना
और नित नए अनुभवों का
जीवन ग्रंथ में जुड़ते जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

ज़माने तो बदलते थे
और बदलते रहेंगे
अच्छा है ज़िंदादिली से
बदलते ज़माने के  साँचे में ढल जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

कुछ नया करने या सीखने की
कोई उम्र नहीं होती
हर भोर की पहली किरण के साथ
खुद को यह समझाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना

बेहतरीन है अपने साथ वक़्त बिताना
यह जान लेना की कोहीनूर हैं हम
और खुद को तराशने में
मसरूफ हो जाना
कितना प्यारा है
खुद के प्यार में पड़ जाना


सिम्मी मदन मैनी