घरौंदा विपिन उर्वशी का
मकान तो सब बना लेते हैं
या फिर विरासत में पा लेते हैं
पर घर तो किसी
किस्मत वाले का बनता है
घर की नीँव धन से नहीं
मन से बनती है
और आज ऐसे ही एक घर में
आप सबका स्वागत है
यह भवन सीमेंट के स्तंभों पर नहीं
टिका है उर्वशी और विपिन की उम्मीदों पर
गौर से देखिए यह ऊँची दीवारें
जो बनी हैं साहिबा और साहिल के सपनों से
इन दीवारों की सिचाईं में खपा है
ढेर सारा खून पसीना
कड़ी मेहनत की खुशबू
इस घर के हर कोने से आती है
आनंद की रंगोली से सजा है प्रवेश द्धार
और प्रेम का वंदनवार उसकी शान बढ़ाता है
इस घर में आने वाला हर मेहमान
सम्मान और आदर सत्कार का स्वाद चखता है
ये संगमरमरी फर्श जोड़ता है
घर के हर सदस्य को उसकी मिट्टी से
और अर्श को छूती छत पर
चमकते हैं भविष्य के सुनहरे सपने
बड़ी खिड़कियों से बह कर आती हैं
ढेर सारी दुआएं और शुभ कामनाएं
रसोईघर में पवित्रता का प्रसाद पकता है
जो आत्मा को शान्ति से भर देता है
इस घर पर ईश्वर की रेहमत बरसती है
और सर्वगुणों का इन्द्रधनुष
इस घर की छठा में चार चाँद लगता है
भला कौन ऐसे घर में नहीं आना चाहेगा
जिसमें पाँव रखते ही
किसी मंदिर में
प्रवेश करने का एहसास हो
मेरी दिल से दुआ है कि
आप दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करें
आपके खवाब सदा ऊंचे
और पैर ज़मीन पर रहें
आपको यहाँ वो सब खुशियाँ नसीब हों
जिनकी कभी आपने आरज़ू की थी
और
आपका यह घरौंदा सदा चेहकता रहे
सिम्मी मदन मैनी
मकान तो सब बना लेते हैं
या फिर विरासत में पा लेते हैं
पर घर तो किसी
किस्मत वाले का बनता है
घर की नीँव धन से नहीं
मन से बनती है
और आज ऐसे ही एक घर में
आप सबका स्वागत है
यह भवन सीमेंट के स्तंभों पर नहीं
टिका है उर्वशी और विपिन की उम्मीदों पर
गौर से देखिए यह ऊँची दीवारें
जो बनी हैं साहिबा और साहिल के सपनों से
इन दीवारों की सिचाईं में खपा है
ढेर सारा खून पसीना
कड़ी मेहनत की खुशबू
इस घर के हर कोने से आती है
आनंद की रंगोली से सजा है प्रवेश द्धार
और प्रेम का वंदनवार उसकी शान बढ़ाता है
इस घर में आने वाला हर मेहमान
सम्मान और आदर सत्कार का स्वाद चखता है
ये संगमरमरी फर्श जोड़ता है
घर के हर सदस्य को उसकी मिट्टी से
और अर्श को छूती छत पर
चमकते हैं भविष्य के सुनहरे सपने
बड़ी खिड़कियों से बह कर आती हैं
ढेर सारी दुआएं और शुभ कामनाएं
रसोईघर में पवित्रता का प्रसाद पकता है
जो आत्मा को शान्ति से भर देता है
इस घर पर ईश्वर की रेहमत बरसती है
और सर्वगुणों का इन्द्रधनुष
इस घर की छठा में चार चाँद लगता है
भला कौन ऐसे घर में नहीं आना चाहेगा
जिसमें पाँव रखते ही
किसी मंदिर में
प्रवेश करने का एहसास हो
मेरी दिल से दुआ है कि
आप दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करें
आपके खवाब सदा ऊंचे
और पैर ज़मीन पर रहें
आपको यहाँ वो सब खुशियाँ नसीब हों
जिनकी कभी आपने आरज़ू की थी
और
आपका यह घरौंदा सदा चेहकता रहे
सिम्मी मदन मैनी