Wednesday, 26 August 2015

ज़िन्दगी

                 
           ज़िन्दगी


ज़िंदगी कट  तो जाएगी
बस यूँही चलते चलते
पर बात तो तब है
जब इसे ज़िंदादिली से
 जिया जाए
आज जब इबादत के लिए हाथ उठे
तो मैंने खुदा  से कहा कि
मुझ नाचीज़  पर बस
 इतना करम करना
कि हर दम तोड़ते पल में मुझे
ज़िन्दगी  नज़र आए

सिमी मदन मैनी 

Thursday, 6 August 2015

कारीग़र

                   कारीग़र


चोट तो हर बार सहते हैं हम
और दर्द भी निखरता है
पर तुम भी…
बड़े कारीगर हो मेरे खुदा
मुझे तराशने को
कर्मों की छैनी और
वक़्त का हथौड़ा
तब तक चलाते हो मुझ पर
जब तक मुझे संवार कर
पत्थर से हीरा ना कर दो......

सिमी मदन मैनी
07-08-2015